लेखनी प्रतियोगिता -01-Dec-2022
शिर्षक- *भारत माता*
भारत भूमी जान हमारी
उसी से है पहचान हमारी
बहता पानी सा यहा का
सावन
विभिन्न भाषाओ का यहा
होता संगम
रहते सब एकसाथ
हे फिर भी सब एकसमान
अलग- अलग हे परिधान
सभी का पर ना करते
सदैव करते सभी का सम्मान
हे अलग खान पान
तो भी बैठते एकसाथ
करते मजाक- मस्ती
ना मन मे कोई गलत विचार
ऐसी भुमी मेरी जहा
मनाते सब त्योहार
जहा पुजा होती
विभिन्न देवताओं
सी मानते जहा
हर रिती रिवाज
भारत माता के लाल
हे सब करती उनका
लडिवाड
अपने आंचल मे उसने
कई लाल
-स्वरचित
-अभिलाषा देशपांडे
Gunjan Kamal
05-Dec-2022 07:51 PM
बहुत खूब
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Mahendra Bhatt
02-Dec-2022 08:27 AM
शानदार प्रस्तुति 👌
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Abhinav ji
02-Dec-2022 07:39 AM
Very nice👍
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